इस खिलपर्व में भविष्यपर्व का भी उल्लेख है, जो अत्यंत अद्भुत है। इस प्रकार महात्मा श्री व्यासजी ने कुल सौ पर्वों की रचना की है। 83.
In this Khilaparva, Bhavishyaparva is also mentioned, which is very wonderful. In this way, Mahatma Shri Vyasji has composed a total of hundred festivals. 83.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥