श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  1.2.82 
हरिवंशस्तत: पर्व पुराणं खिलसंज्ञितम्।
विष्णुपर्व शिशोश्चर्या विष्णो: कंसवधस्तथा॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद हरिवंशपर्व आता है, जिसे खिल (परिशिष्ट) पुराण भी कहते हैं। इसमें विष्णुपर्व, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और कंस-वध का वर्णन है॥ 82॥
 
After this comes the Harivanshparva, which is also called the Khil (appendix) Purana. It contains the description of the Vishnuparva, the childhood antics of Sri Krishna and the killing of Kansa.॥ 82॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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