श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  1.2.81 
मौसलं पर्व चोद्दिष्टं ततो घोरं सुदारुणम्।
महाप्रस्थानिकं पर्व स्वर्गारोहणिकं तत:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद अत्यन्त भयंकर और भयंकर मौसल पर्व आता है। उसके बाद महाप्रस्थान पर्व और स्वर्गारोहण पर्व आते हैं। 81॥
 
After this there is the very terrible and dreadful Mausal Parva. After that comes Mahaprasthan Parva and Ascension Parva. 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)