श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.2.70 
ततो द्रोणवध: पर्व विज्ञेयं लोमहर्षणम्।
मोक्षो नारायणास्त्रस्य पर्वानन्तरमुच्यते॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
फिर रोंगटे खड़े कर देने वाले द्रोणवध पर्व को जानना चाहिए। तत्पश्चात् वह नारायणास्त्रमोक्षपर्व कहलाता है ॥70॥
 
Then one should know about the hair-raising Dronavadha Parva. Thereafter it is called Narayanastramokshaparva. 70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)