vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
»
श्लोक 68
श्लोक
1.2.68
पर्वोक्तं भगवद्गीता पर्व भीष्मवधस्तत:।
द्रोणाभिषेचनं पर्व संशप्तकवधस्तत:॥ ६८॥
अनुवाद
इसके बाद क्रमशः भगवद्गीता, भीष्मवध, द्रोणाभिषेक और संशप्तकवधपर्व हैं।॥ 68॥
After this, there are Bhagavadgita, Bhishmavadha, Dronabhishek and Sanshaptakavadhaparva respectively.॥ 68॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas