श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  1.2.63 
सभाप्रवेश: कृष्णस्य विदुलापुत्रशासनम्।
उद्योग: सैन्यनिर्याणं विश्वोपाख्यानमेव च॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
फिर श्रीकृष्ण का राजसभा में प्रवेश, विदुला का अपने पुत्र को उपदेश, युद्ध का उद्योग, सैन्य-योजना और संसार की कथा - इनका क्रमशः वर्णन किया गया है ॥63॥
 
Then, Shri Krishna's entry into the court, Vidula's advice to his son, the industry of war, military deployment and the story of the world - these have been mentioned respectively. 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)