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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 58
श्लोक
1.2.58
कीचकानां वध: पर्व पर्व गोग्रहणं तत:।
अभिमन्योश्च वैराटॺा: पर्व वैवाहिकं स्मृतम्॥ ५८॥
अनुवाद
इसके बाद कीचकवध का पर्व, गोग्रहण का पर्व तथा अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का पर्व आता है।
After this comes the festival of Keechakvadha, the festival of Gograhan (cow-haran) and the festival of the marriage of Abhimanyu and Uttara. 58.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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