vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
»
श्लोक 51
श्लोक
1.2.51
इन्द्रलोकाभिगमनं पर्व ज्ञेयमत: परम्।
नलोपाख्यानमपि च धार्मिकं करुणोदयम्॥ ५१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् इन्द्रलोकभिगमन पर्व है, तत्पश्चात् धर्ममय एवं करुणावर्धक नलोपाख्यान पर्व है ॥51॥
After that, there is the festival of Indralokabhigamana, then there is the religious and compassion-inducing Nalopakhyan festival. 51॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas