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स सर्वं क्षत्रमुत्साद्य स्ववीर्येणानलद्युति:।
समन्तपञ्चके पञ्च चकार रौधिरान् ह्रदान्॥ ४॥
अनुवाद
अग्नि के समान तेजस्वी परशुराम ने अपने पराक्रम से समस्त क्षत्रिय वंश का नाश कर दिया तथा समन्तपंचक क्षेत्र में रक्त की पाँच झीलें बना दीं।
Parashurama, whose brilliance was like that of fire, destroyed the entire Kshatriya clan with his might and created five lakes of blood in the Samanta-pancaka area.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥