Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.386: हे द्विज! इस महाभारत इतिहास में अठारह पुराण हैं, जैसे आकाश में चारों प्रकार के प्राणी (जीवज्र, स्वेदज्र, अण्डज्रज्र और वनस्पतिज्र) विद्यमान हैं। | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे द्विज! इस महाभारत इतिहास में अठारह पुराण हैं, जैसे आकाश में चारों प्रकार के प्राणी (जीवज्र, स्वेदज्र, अण्डज्रज्र और वनस्पतिज्र) विद्यमान हैं।
O twice-born! Within this Mahabharata history there are eighteen Puranas, just as within the sky all four kinds of creatures (viviparous, sweat-born, oviparous and plant-born) exist.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥