Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.385: जिस प्रकार पांच तत्त्वों से संसार की त्रिविध सृष्टि (आध्यात्मिक, अलौकिक और भौतिक) उत्पन्न होती है, उसी प्रकार इस उत्कृष्ट इतिहास से कवियों को काव्य रचना के विषय में ज्ञान प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार पांच तत्त्वों से संसार की त्रिविध सृष्टि (आध्यात्मिक, अलौकिक और भौतिक) उत्पन्न होती है, उसी प्रकार इस उत्कृष्ट इतिहास से कवियों को काव्य रचना के विषय में ज्ञान प्राप्त होता है।
Just as the five elements give rise to the threefold creation (spiritual, supernatural and physical) of the world, so too, from this excellent history, poets gain wisdom regarding the composition of poetry.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥