श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 383
 
 
श्लोक  1.2.383 
अर्थशास्त्रमिदं प्रोक्तं धर्मशास्त्रमिदं महत्।
कामशास्त्रमिदं प्रोक्तं व्यासेनामितबुद्धिना॥ ३८३॥
 
 
अनुवाद
अनन्त बुद्धिवाले महात्मा व्यास ने इसे अर्थशास्त्र कहा है। यह एक महान धार्मिक ग्रन्थ भी है; इसे कामशास्त्र भी कहते हैं (और यह मोक्षशास्त्र भी है)।॥383॥
 
Mahatma Vyas, who has infinite wisdom, has called this Arthashastra. This is also a great religious text; it is also called Kama Shastra (and it is also the Shastra of Moksha).॥ 383॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)