Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.360: तत्पश्चात् अर्जुन द्वारका के बालकों, वृद्धों और स्त्रियों को साथ लेकर वहाँ से चले गए; किन्तु उस दुःखद विपत्ति में उन्होंने अपने गाण्डीव धनुष की अभूतपूर्व पराजय देखी ॥360॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स वृद्धबालमादाय द्वारवत्यास्ततो जनम्।
ददर्शापदि कष्टायां गाण्डीवस्य पराभवम्॥ ३६०॥
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन द्वारका के बालकों, वृद्धों और स्त्रियों को साथ लेकर वहाँ से चले गए; किन्तु उस दुःखद विपत्ति में उन्होंने अपने गाण्डीव धनुष की अभूतपूर्व पराजय देखी ॥360॥
Thereafter Arjuna left from there taking with him the children, old men and women of Dwaraka; But in that tragic calamity he saw the unprecedented defeat of his Gandiva bow. 360॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥