Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.2.355: वे सभी एक ऐसे स्थान पर गए जहाँ मदिरा का सेवन किया जाता था और उन्होंने खूब पी लिया और नशे के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठे। फिर दैवीय शक्ति से प्रेरित होकर वे आपस में लड़ने लगे और एराकर रूपी वज्र से एक-दूसरे को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 355
 
 
श्लोक  1.2.355 
आपाने पानकलिता दैवेनाभिप्रचोदिता:।
एरकारूपिभिर्वज्रैर्निजघ्नुरितरेतरम्॥ ३५५॥
 
 
अनुवाद
वे सभी एक ऐसे स्थान पर गए जहाँ मदिरा का सेवन किया जाता था और उन्होंने खूब पी लिया और नशे के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठे। फिर दैवीय शक्ति से प्रेरित होकर वे आपस में लड़ने लगे और एराकर रूपी वज्र से एक-दूसरे को मार डाला।
 
All of them went to a place where alcohol was consumed and drank a lot and lost their senses due to intoxication. Then, inspired by the divine power, they fought with each other and killed each other with the thunderbolt in the form of Erakara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)