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श्लोक  1.2.351 
नारदाच्चैव शुश्राव वृष्णीनां कदनं महत् ।
एतदाश्रमवासाख्यं पर्वोक्तं महदद्‍भुतम्॥ ३५१॥
 
 
अनुवाद
नारद जी से ही उन्होंने यदुवंशियों के महासंहार का समाचार सुना था। इसे अत्यंत अद्भुत आश्रमवासिकपर्व कहा जाता है। 351.
 
It was from Narada that he heard the news of the great massacre of the Yaduvanshis. This is called the most wonderful Ashramavasikaparva. 351.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)