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mahabharat 1.2.311: इसी प्रकार उस ब्रह्मवादी ऋषि ने इस पर्व में श्लोकों की संख्या आठ सौ सत्तर (870) बताई है।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 311
 
 
श्लोक  1.2.311 
श्लोकानां कथितान्यत्र शतान्यष्टौ प्रसंख्यया।
श्लोकाश्च सप्तति: प्रोक्ता मुनिना ब्रह्मवादिना॥ ३११॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार उस ब्रह्मवादी ऋषि ने इस पर्व में श्लोकों की संख्या आठ सौ सत्तर (870) बताई है।
 
Similarly, that Brahmavadi sage has stated the number of verses in this festival to be eight hundred and seventy (870). 311.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)