श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 310
 
 
श्लोक  1.2.310 
एतद् वै दशमं पर्व सौप्तिकं समुदाहृतम्।
अष्टादशास्मिन्नध्याया: पर्वण्युक्ता महात्मना॥ ३१०॥
 
 
अनुवाद
इन सब कथाओं से युक्त सौप्तिकपर्व दसवाँ कहा गया है। महात्मा व्यास ने कहा है कि इसमें अठारह (18) अध्याय हैं।
 
The Sauptikparva containing all these stories is said to be the tenth. Mahatma Vyas has said that there are eighteen (18) chapters in it. 310.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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