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mahabharat 1.2.31: शत्रु सेना को त्रास देने वाले पराक्रमी कर्ण ने दो दिन तक और शल्य ने आधे दिन तक युद्ध किया। इसके बाद दुर्योधन और भीमसेन के बीच गदा युद्ध आधे दिन तक चला।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.2.31 
अहनी युयुधे द्वे तु कर्ण: परबलार्दन:।
शल्योऽर्धदिवसं चैव गदायुद्धमत: परम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
शत्रु सेना को त्रास देने वाले पराक्रमी कर्ण ने दो दिन तक और शल्य ने आधे दिन तक युद्ध किया। इसके बाद दुर्योधन और भीमसेन के बीच गदा युद्ध आधे दिन तक चला।
 
The valiant Karna, who tormented the enemy army, fought for two days and Shalya for half a day. After this, the mace fight (between Duryodhan and Bhimasena) continued for half a day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)