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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 309
श्लोक
1.2.309
मणिं तथा समादाय द्रोणपुत्रान्महारथात्।
पाण्डवा: प्रददुर्हृष्टा द्रौपद्यै जितकाशिन:॥ ३०९॥
अनुवाद
विजय से विभूषित पाण्डवों ने महारथी अश्वत्थामा से मणि छीन ली और प्रसन्नतापूर्वक उसे द्रौपदी को दे दिया ॥309॥
The Pandavas, who were decorated with victory, snatched the gem from the great charioteer Ashwatthama and happily gave it to Draupadi. 309॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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