Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.300-303: तत्पश्चात् अश्वत्थामा ने रात्रि में निःशंक होकर सोते हुए धृष्टद्युम्न तथा पांचालों को तथा द्रौपदी के पुत्रों को उनके परिवारजनों सहित मार डाला। भगवान श्रीकृष्ण की शक्ति का आश्रय लेकर केवल पाँच पाण्डव और महाधनुर्धर सात्यकि ही बच पाए, शेष सब वीर मारे गए। यह सब घटना सौप्तिक पर्व में वर्णित है। यह भी कहा गया है कि जब धृष्टद्युम्न के सारथि ने पाण्डवों को यह समाचार दिया कि द्रोणपुत्र ने सोए हुए पांचालों को मार डाला है, तब द्रौपदी अपने पुत्र के शोक तथा अपने पिता और भाई की हत्या से शोकग्रस्त हो गई। 300—303॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् अश्वत्थामा ने रात्रि में निःशंक होकर सोते हुए धृष्टद्युम्न तथा पांचालों को तथा द्रौपदी के पुत्रों को उनके परिवारजनों सहित मार डाला। भगवान श्रीकृष्ण की शक्ति का आश्रय लेकर केवल पाँच पाण्डव और महाधनुर्धर सात्यकि ही बच पाए, शेष सब वीर मारे गए। यह सब घटना सौप्तिक पर्व में वर्णित है। यह भी कहा गया है कि जब धृष्टद्युम्न के सारथि ने पाण्डवों को यह समाचार दिया कि द्रोणपुत्र ने सोए हुए पांचालों को मार डाला है, तब द्रौपदी अपने पुत्र के शोक तथा अपने पिता और भाई की हत्या से शोकग्रस्त हो गई। 300—303॥
Thereafter, Ashwatthama killed Dhrishtadyumna and the Panchalas and the sons of Draupadi along with their family members while sleeping without any doubt in the night. By taking shelter of the power of Lord Krishna, only five Pandavas and the great archer Satyaki were saved, all the remaining heroes were killed. All this incident is described in Sauptika Parva. It is also said that when Dhrishtadyumna's charioteer informed the Pandavas that Drona's son had killed the sleeping Panchalas, Draupadi became grief-stricken with the grief of her son and the murder of her father and brother. 300—303॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥