Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.291-292: इसके बाद मैं उस अत्यंत दुःखद सौप्तिक-पर्व की सूची सुना रहा हूँ, जिसमें तीन महारथी - कृतवर्मा, कृपाचार्य और अश्वत्थामा - संध्या के समय राजा दुर्योधन के पास आये, जो पाण्डवों के चले जाने से क्रोध में भर गया था, उसकी जांघ टूटी हुई थी और वह खून से लथपथ पड़ा था। | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद मैं उस अत्यंत दुःखद सौप्तिक-पर्व की सूची सुना रहा हूँ, जिसमें तीन महारथी - कृतवर्मा, कृपाचार्य और अश्वत्थामा - संध्या के समय राजा दुर्योधन के पास आये, जो पाण्डवों के चले जाने से क्रोध में भर गया था, उसकी जांघ टूटी हुई थी और वह खून से लथपथ पड़ा था।
After this I am narrating the list of the very tragic Sauptika-parva, in which the three great warriors - Kritavarma, Krupacharya and Ashvatthama - came in the evening to King Duryodhana who was filled with anger after the departure of the Pandavas and had a broken thigh and was lying soaked in blood.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥