श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.2.29 
समेतास्तत्र वै देशे तत्रैव निधनं गता:।
कौरवान् कारणं कृत्वा कालेनाद्‍भुतकर्मणा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अद्भुत कर्म करने वाले काल की प्रेरणा से कौरवों को निमित्त बनाकर समन्तपंचक क्षेत्र में बहुत सी सेनाएँ एकत्रित हुईं और वहीं नष्ट हो गईं ॥29॥
 
Due to the inspiration of Kaal, who performed amazing deeds, so many armies gathered in Samantpanchak area using Kauravas as their instruments and were destroyed there. 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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