श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 280
 
 
श्लोक  1.2.280 
हतप्रवीरे सैन्ये तु नेता मद्रेश्वरोऽभवत्।
यत्र कौमारमाख्यानमभिषेकस्य कर्म च॥ २८०॥
 
 
अनुवाद
यह कथा है कि जब कौरव सेना के सभी प्रमुख योद्धा मारे गए, तब मद्रराज शल्य सेनापति हुए। कुमार कार्तिकेय के राज्याभिषेक और राज्याभिषेक की कथा वहाँ कही गई है॥280॥
 
This is the story that when all the leading warriors of the Kaurava army were killed, then Madra king Shalya became the commander. The story of Kumar Kartikeya's coronation and coronation ceremony is told there.॥ 280॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas