श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.2.28 
एतया संख्यया ह्यासन् कुरुपाण्डवसेनयो:।
अक्षौहिण्यो द्विजश्रेष्ठा: पिण्डिताष्टादशैव तु॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ ब्राह्मणों! इस गणना के अनुसार कौरवों और पाण्डवों की सेनाओं की कुल संख्या अठारह अक्षौहिणी थी।
 
O noble Brahmins! According to this calculation, the total number of the armies of both the Kauravas and the Pandavas was eighteen Akshauhini. 28.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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