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mahabharat 1.2.279: तत्पश्चात् शल्यपर्व को विचित्र अर्थवाले विषयोंसे परिपूर्ण कहा गया है ॥279॥   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 279
 
 
श्लोक  1.2.279 
अत: परं विचित्रार्थं शल्यपर्व प्रकीर्तितम्॥ २७९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् शल्यपर्व को विचित्र अर्थवाले विषयोंसे परिपूर्ण कहा गया है ॥279॥
 
Thereafter, Shalya Parva has been said to be full of subjects with strange meanings. 279॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)