श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 277
 
 
श्लोक  1.2.277 
द्वैरथे यत्र पार्थेन हत: कर्णो महारथ:।
अष्टमं पर्व निर्दिष्टमेतद् भारतचिन्तकै:॥ २७७॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर अर्जुन द्वारा महारथी कर्ण को द्वन्द्वयुद्ध में मार डालने की घटना का भी उल्लेख कर्णपर्व में हुआ है। महाभारत पर विचार करने वाले विद्वानों ने इस कर्णपर्व को आठवाँ पर्व कहा है। 2 77॥
 
Subsequently, the incident in which Arjun killed the great warrior Karna in the duel is also mentioned in Karna Parva. Scholars who think about Mahabharata have called this Karna Parva as the eighth festival. 2 77॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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