श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 273
 
 
श्लोक  1.2.273 
वध: पाण्डॺस्य च तथा अश्वत्थाम्ना महात्मना।
दण्डसेनस्य च ततो दण्डस्य च वधस्तथा॥ २७३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महात्मा अश्वत्थामा द्वारा राजा पाण्डव के वध की कथा है। तत्पश्चात् दण्डसेन और दण्ड के वध का प्रसंग है ॥273॥
 
After that, there is the story of the killing of King Panda by Mahatma Ashwatthama. Then there is the incident of killing Dandasen and Danda. 273॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)