श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 257-258h
 
 
श्लोक  1.2.257-258h 
यत्राभिमन्युं बहवो जघ्नुरेकं महारथा:॥ २५७॥
जयद्रथमुखा बालं शूरमप्राप्तयौवनम्।
 
 
अनुवाद
इसी पर्व में यह भी कहा गया है कि वीर बालक अभिमन्यु, जो अभी वयस्क नहीं हुआ था और अकेला था, जयद्रथ सहित अनेक विश्वविख्यात योद्धाओं द्वारा मारा गया।
 
In this very festival it is also stated that the valiant boy Abhimanyu, who was not yet grown up and was alone, was killed by many world-renowned warriors including Jayadratha. 257 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)