Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.256-257h: इसी पर्व में बताया गया है कि संशप्तक योद्धा अर्जुन को युद्धभूमि से दूर ले गए थे। यह भी कथा है कि ऐरावत वंश के सुप्रतीक नामक हाथी के साथ-साथ, युद्ध में इंद्र के समान प्रतापी महाराज भगदत्त को भी किरीटधारी अर्जुन ने मार डाला था। | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत्र संशप्तका: पार्थमपनिन्यू रणाजिरात् ।
भगदत्तो महाराजो यत्र शक्रसमो युधि॥ २५६॥
सुप्रतीकेन नागेन स हि शान्त: किरीटिना।
अनुवाद
इसी पर्व में बताया गया है कि संशप्तक योद्धा अर्जुन को युद्धभूमि से दूर ले गए थे। यह भी कथा है कि ऐरावत वंश के सुप्रतीक नामक हाथी के साथ-साथ, युद्ध में इंद्र के समान प्रतापी महाराज भगदत्त को भी किरीटधारी अर्जुन ने मार डाला था।
In this very festival it is told that the Sanshaptaka warriors took Arjun away from the battlefield. There is also the story that along with the elephant named Suprateek of the Airavat dynasty, Maharaja Bhagdatta, who was like Indra in the war, was also killed by the crowned Arjun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥