श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 241
 
 
श्लोक  1.2.241 
रथातिरथसंख्यानमम्बोपाख्यानमेव च।
एतत् सुबहुवृत्तान्तं पञ्चमं पर्व भारते॥ २४१॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद इस पर्व में सारथि, सारथि आदि के स्वरूप का वर्णन तथा अम्बका की कथा है। इस प्रकार उद्योगपर्व महाभारत में पाँचवाँ पर्व है और इसमें अनेक सुन्दर कथाएँ हैं॥241॥
 
After this, in this festival, there is a description of the nature of charioteer, charioteer etc. and the story of Ambaka. In this way, Udyogparva is the fifth festival in Mahabharata and it has many beautiful stories.॥ 241॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd