श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 239
 
 
श्लोक  1.2.239 
ततो युद्धाय निर्याता नराश्वरथदन्तिन:।
नगराद्धास्तिनपुराद् बलसंख्यानमेव च॥ २३९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद हस्तिनापुर नामक नगर से मनुष्य, घोड़े, रथ और हाथियोंसे युक्त चतुर्गुणी सेना युद्धके लिए निकली। इस संदर्भमें सेनाकी गणना की गई है॥239॥
 
After this, a four-fold army of men, horses, chariots and elephants marched out from a city called Hastinapur for the war. The army has been counted in this context.॥ 239॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)