श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 237
 
 
श्लोक  1.2.237 
आगम्य ह्यस्तिनपुरादुपप्लव्यमरिन्दम:।
पाण्डवानां यथावृत्तं सर्वमाख्यातवान् हरि:॥ २३७॥
 
 
अनुवाद
शत्रुसूदन श्रीकृष्ण हस्तिनापुर से उपप्लव्यनगर में आए और वहाँ जो कुछ हुआ था, वह सब पाण्डवों को सुनाया ॥237॥
 
Shatrusudan Shri Krishna came from Hastinapur to Upplavyanagar and told all the Pandavas whatever had happened there. 237॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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