Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.236: भगवान कृष्ण ने कर्ण को अपने रथ पर बैठाया और अनेक युक्तियों से उसे (पांडवों के पक्ष में आने के लिए) समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपने अहंकार के कारण कर्ण ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान कृष्ण ने कर्ण को अपने रथ पर बैठाया और अनेक युक्तियों से उसे (पांडवों के पक्ष में आने के लिए) समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपने अहंकार के कारण कर्ण ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया।
Lord Krishna made Karna sit on his chariot and tried to convince him with many tricks (to come on the side of the Pandavas), but due to his ego Karna refused to listen to him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥