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mahabharat 1.2.235: कर्ण और दुर्योधन की कुचेष्टा को जानकर भगवान श्रीकृष्ण ने राजाओं की सभा में अपना योगबल प्रदर्शित किया।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.235 
कर्णदुर्योधनादीनां दुष्टं विज्ञाय मन्त्रितम्।
योगेश्वरत्वं कृष्णेन यत्र राज्ञां प्रदर्शितम्॥ २३५॥
 
 
अनुवाद
कर्ण और दुर्योधन की कुचेष्टा को जानकर भगवान श्रीकृष्ण ने राजाओं की सभा में अपना योगबल प्रदर्शित किया।
 
Knowing the evil counsel of Karna and Duryodhana, Lord Krishna displayed His yogic prowess in the assembly of kings. 235.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)