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mahabharat 1.2.213: इस अवसर पर, मुकुटधारी अर्जुन ने अपना पराक्रम दिखाया और युद्धभूमि में सभी कौरवों को पराजित किया तथा विराट के मवेशियों को पुनः प्राप्त किया।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 213
 
 
श्लोक  1.2.213 
समस्ता यत्र पार्थेन निर्जिता: कुरवो युधि।
प्रत्याहृतं गोधनं च विक्रमेण किरीटिना॥ २१३॥
 
 
अनुवाद
इस अवसर पर, मुकुटधारी अर्जुन ने अपना पराक्रम दिखाया और युद्धभूमि में सभी कौरवों को पराजित किया तथा विराट के मवेशियों को पुनः प्राप्त किया।
 
On this occasion, the crown-wearing Arjuna displayed his prowess and defeated all the Kauravas on the battlefield and recovered Virata's cattle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)