श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  1.2.211 
यत्रास्य युद्धं सुमहत् तैरासील्लोमहर्षणम्।
ह्रियमाणश्च यत्रासौ भीमसेनेन मोक्षित:॥ २११॥
 
 
अनुवाद
राजा विराट ने त्रिगर्तों के साथ बड़ा भयंकर युद्ध किया। त्रिगर्त विराट को पकड़ने का प्रयत्न कर रहे थे, किन्तु भीमसेन ने उन्हें बचा लिया॥211॥
 
King Virata fought a hair-raising, fierce battle with the Trigartas. The Trigartas were trying to capture Virata but Bhimasena rescued him.॥211॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)