श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 210
 
 
श्लोक  1.2.210 
न च प्रवृत्तिस्तैर्लब्धा पाण्डवानां महात्मनाम्।
गोग्रहश्च विराटस्य त्रिगर्तै: प्रथमं कृत:॥ २१०॥
 
 
अनुवाद
लेकिन उन्हें महान पांडवों की गतिविधियों की कोई खबर नहीं मिली। इन्हीं दिनों त्रिगर्तों ने पहली बार राजा विराट की गायों का अपहरण किया।
 
But he did not get any news of the activities of the great Pandavas. During these days the Trigartas kidnapped the cows of King Virat for the first time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)