श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 205
 
 
श्लोक  1.2.205 
एकादशसहस्राणि श्लोकानां षट् शतानि च।
चतु:षष्टिस्तथाश्लोका: पर्वण्यस्मिन् प्रकीर्तिता:॥ २०५॥
 
 
अनुवाद
इस पर्व में ग्यारह हजार छह सौ चौसठ (11,664) श्लोक हैं।205.
 
There are eleven thousand six hundred sixty four (11,664) verses in this festival. 205.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)