श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.2.19 
सौतिरुवाच
एको रथो गजश्चैको नरा: पञ्च पदातय:।
त्रयश्च तुरगास्तज्ज्ञै: पत्तिरित्यभिधीयते॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उग्रश्रवाजी बोले - एक रथ, एक हाथी, पाँच पैदल सैनिक और तीन घोड़े - इन्हें ही सैन्य शास्त्र में पारंगत विद्वानों ने 'पत्थी' कहा है॥19॥
 
Ugrasravaji said - One chariot, one elephant, five infantry soldiers and three horses - these are what the scholars well versed in the military have called 'Patthi'.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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