श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  1.2.188 
भीमस्य ग्रहणं चात्र पर्वताभोगवर्ष्मणा।
भुजगेन्द्रेण बलिना तस्मिन् सुगहने वने॥ १८८॥
 
 
अनुवाद
तभी एक घने जंगल में पर्वत के समान विशाल शरीर वाले एक शक्तिशाली अजगर ने भीमसेन को पकड़ लिया। 188.
 
Then, in a dense forest, a powerful python with a body as huge as a mountain caught Bhimasena. 188.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)