श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 187
 
 
श्लोक  1.2.187 
पार्थस्य प्रतिषेधश्च नारदेन सुरर्षिणा।
अवरोहणं पुनश्चैव पाण्डूनां गन्धमादनात्॥ १८७॥
 
 
अनुवाद
उसी समय देवर्षि नारद ने आकर अर्जुन को अस्त्र-शस्त्र दिखाने से रोक दिया। अब पाण्डव गन्धमादन पर्वत से नीचे उतरने लगे ॥187॥
 
At this very moment Devarshi Narad came and stopped Arjun from displaying his weapons. Now Pandavas started coming down from Gandhamadan mountain. 187॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)