श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 183
 
 
श्लोक  1.2.183 
समागमश्च पाण्डूनां यत्र वैश्रवणेन च।
समागमश्चार्जुनस्य तत्रैव भ्रातृभि: सह॥ १८३॥
 
 
अनुवाद
यहीं पर पांडवों की कुबेर से मुलाकात हुई थी। यहीं पर अर्जुन आए थे और अपने भाइयों से मिले थे।
 
It was here that the Pandavas met Kubera. It was at this place that Arjuna came and met his brothers. 183
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)