श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 169
 
 
श्लोक  1.2.169 
कार्तवीर्यवधो यत्र हैहयानां च वर्ण्यते।
प्रभासतीर्थे पाण्डूनां वृष्णिभिश्च समागम:॥ १६९॥
 
 
अनुवाद
इस चरित्र में कार्तवीर्य अर्जुन तथा हैहयवंशी राजाओं के वध का वर्णन है। प्रभास तीर्थ में पाण्डवों और यादवों के मिलन की कथा भी इसमें वर्णित है॥169॥
 
In this character, the killing of Kartavirya Arjuna and the kings of the Haihayavanshi dynasty is described. The story of the meeting of the Pandavas and the Yadavas at Prabhas Tirtha is also mentioned in this.॥ 169॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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