श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 168
 
 
श्लोक  1.2.168 
ऋष्यशृङ्गस्य चरितं कौमारब्रह्मचारिण:।
जामदग्न्यस्य रामस्य चरितं भूरितेजस:॥ १६८॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद कुमार ब्रह्मचारी ऋष्य श्रृंग का किरदार है. फिर परम तेजस्वी जमदग्निनन्दन परशुराम का चरित्र है। 168॥
 
After this, there is the character of Kumara Brahmachari Rishya Shringa. Then there is the character of the most brilliant Jamadagninandan Parashuram. 168॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas