Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.164: इस पर्व में अर्जुन का संदेश पाकर पाण्डव तीर्थयात्रा पर चले गए। उन्हें तीर्थयात्रा का फल प्राप्त हुआ और कौन-कौन से तीर्थ कितने शुभ हैं, इसका वर्णन किया गया है॥164॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संदेशादर्जुनस्यात्र तीर्थाभिगमनक्रिया।
तीर्थानां च फलप्राप्ति: पुण्यत्वं चापि कीर्तितम्॥ १६४॥
अनुवाद
इस पर्व में अर्जुन का संदेश पाकर पाण्डव तीर्थयात्रा पर चले गए। उन्हें तीर्थयात्रा का फल प्राप्त हुआ और कौन-कौन से तीर्थ कितने शुभ हैं, इसका वर्णन किया गया है॥164॥
On receiving Arjun's message during this festival, the Pandavas went on pilgrimage. They got the fruits of pilgrimage and it has been described which pilgrimages are so auspicious.॥ 164॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥