Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.162-163: इन्हीं ऋषि से पाण्डवों को अक्षहृदय (जुआ खेलने का रहस्य) प्राप्त हुआ था। यहीं पर लोमश ऋषि स्वर्ग से पाण्डवों से मिलने आए थे। लोमश ने ही वनवासी ऋषियों को बताया था कि अर्जुन स्वर्ग में किस प्रकार शस्त्रविद्या सीख रहे हैं ॥162-163॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्हीं ऋषि से पाण्डवों को अक्षहृदय (जुआ खेलने का रहस्य) प्राप्त हुआ था। यहीं पर लोमश ऋषि स्वर्ग से पाण्डवों से मिलने आए थे। लोमश ने ही वनवासी ऋषियों को बताया था कि अर्जुन स्वर्ग में किस प्रकार शस्त्रविद्या सीख रहे हैं ॥162-163॥
It was from this sage that the Pandavas got the Akshahridaya (secret of gambling). It was here that sage Lomash came to meet the Pandavas from heaven. It was Lomash who told the forest dwelling sages that how Arjuna was learning the art of weapons in heaven.॥ 162-163॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥