Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.16: वह देश अत्यंत पवित्र और सुन्दर कहा गया है। हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले श्रेष्ठ ब्राह्मणों! मैंने तुमसे तीनों लोकों में उस देश की कीर्ति के विषय में सब कुछ कह दिया है॥ 16॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुण्यश्च रमणीयश्च स देशो व: प्रकीर्तित:।
तदेतत् कथितं सर्वं मया ब्राह्मणसत्तमा:।
यथा देश: स विख्यातस्त्रिषु लोकेषु सुव्रता:॥ १६॥
अनुवाद
वह देश अत्यंत पवित्र और सुन्दर कहा गया है। हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले श्रेष्ठ ब्राह्मणों! मैंने तुमसे तीनों लोकों में उस देश की कीर्ति के विषय में सब कुछ कह दिया है॥ 16॥
That country is said to be extremely pious and beautiful. O best Brahmins who observe the best vows! I have told you all about the fame of that country in the three worlds.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥