श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  1.2.159 
महेन्द्रलोकगमनमस्त्रार्थे च किरीटिन:।
यत्र चिन्ता समुत्पन्ना धृतराष्ट्रस्य भूयसी॥ १५९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद यह सुनकर कि अर्जुन शस्त्र लेने के लिए इन्द्रलोक गए हैं, धृतराष्ट्र बहुत चिंतित हो गए।159
 
After this Dhritarashtra became very worried after hearing that Arjun went to Indraloka for weapons. 159
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)