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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 158
श्लोक
1.2.158
महादेवेन युद्धं च किरातवपुषा सह।
दर्शनं लोकपालानामस्त्रप्राप्तिस्तथैव च॥ १५८॥
अनुवाद
वहाँ अर्जुन ने किरातवेशधारी महादेवजी के साथ युद्ध किया, लोकपालों का दर्शन किया और अस्त्र प्राप्त किया ॥158॥
There, Arjun fought with Kirat-clad Mahadevji, had the darshan of Lokpalas and got the weapon. 158॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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