श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 155
 
 
श्लोक  1.2.155 
धर्मराजस्य चात्रैव संवाद: कृष्णया सह।
संवादश्च तथा राज्ञा भीमस्यापि प्रकीर्तित:॥ १५५॥
 
 
अनुवाद
इसी पर्व में युधिष्ठिर और द्रौपदी के संवाद के साथ-साथ युधिष्ठिर और भीमसेन के संवाद का भी सुन्दर वर्णन किया गया है।155.
 
In this very festival the dialogue between Yudhishthira and Draupadi as well as the dialogue between Yudhishthira and Bhimasena have been well described. 155.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)